क्या 2019 से पहले एनडीए को लगेगा एक और झटका ?

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जैसे- जैसे 2019 के चुनाव पास आ रहे हैं सारी पार्टियां अपनी- अपनी तैयारियों में लग गई हैं. जहां क तरफ विपक्ष की सारी पार्टियां मिलकर महागठबंधन का ऐलान कर रही हैं वहीं भाजपा अपनी तरफ से एड़ी चोटी का जोर लगा रही है.

अमित शाह ने पहले ही संपर्क फॉर समर्थन का पत्ता खोल दिया है. लेकिन ऐसे वक्त में एनडीए से उनकी दो पुरानी और खास सहयोगी नाराज नजर आ रहे हैं. शिवसेना तो पहले ही नराज चल रही है. वहीं अब अकाली दल भी कुछ खफा खफा दिख रही हैं

अकाली दल और शिवसेना के नाराजगी की सबसे बड़ी वजह जो सामने आ रही है, वो है राज्यसभा में उपसभापति के लिए एनडीए की तरफ से उम्मीदवार चुनना, माना जा रहा है कि अकाली दल को पूरा भरोसा था कि इसके ले उनका नाम पहले होगा, ऐसे में जेडीयू सांसद हरिवंश को उपसभापति बनाये जाने से एनडीए की दोनो पार्टियां अकाली दल और शिवसेना नाराज हैं.

सुखबिर सिंह बादल की अध्यक्षता में हुई बैठक

यही नही इसको लेकर अकाली दल के संसदीय दल की बैठक भी हुई है, ये बैठक पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबिर सिंह बादल की अध्यक्षता में हुई है. इस बैठक में सारे इस मुद्दे को लेकर चर्चा की गई, ये बैठक केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के घर पर हुई

आपको बता दें कि राज्यसभा के उपसभापति के लिए अकाली दल से नरेश गुजराल का नाम चर्चा में था, लेकिन अंतिम समय पर बीजेपी की तरफ से जेडीयू के सांसद हरिवंश को उम्मीदवार बना दिया गया. जिसके चलते अकाली दल काफी नाजार है.

अब देखना ये होगा की ऐसे में एनडीए कौन सा नया पत्ता खोलते हैं,  शिवसेना को मनाने की कवायद तो पहले से ही जारी है, ऐसे में अब अकाली दल के साथ रिश्ते कैसे सुधारते हैं. क्योंकि राज्य सभा में अकाली दल और शिवसेना की नाराज़गी के बाद अगर बीजेडी, टीआरएस, वाईएसआर कांग्रेस भी अनुपस्थित रहें तो एनडीए के उम्मीदवार हरिवंश को हार का सामना करना पड़ सकता है.

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