14 April 2021

While discussing epidemic situation in the country in detail Union Health Secretary Rajesh Bhushan said that Durg district of Chhattisgarh is among the top ten districts among patients under treatment5-तेज गति से फैल रहा कोरोना, चार सप्ताह अहम : सरकार

केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि कोरोना विषाणु संक्रमण बहुत तेज गति से फैल रहा है और महामारी की तीव्रता भी बढ़ी है। इसे देखते हुए अगले चार सप्ताह बेहद अहम रहने वाले हैं। सरकार ने संक्रमण की दूसरी लहर को काबू में करने के लिए जनभागीदारी पर जोर दिया।

नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मामले तेजी से बढ़ने से देश में महामारी के हालत और खराब हुए हैं। आबादी का एक बड़ा हिस्सा संक्रमण के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि महामारी से लड़ने के हथियार वही हैं। कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करना, निरुद्ध क्षेत्रों की पहचान, जांच आदि को और प्रभावी तरीके से लागू किया जाना चाहिए, चिकित्सा ढांचे में सुधार और टीकाकरण अभियान तेजी से चलाए जाने की जरूरत है।

पॉल ने कहा कि महामारी की तीव्रता बढ़ गई है और यह पिछली बार के मुकाबले ज्यादा तेजी से फैल रही है। कुछ राज्यों में यह (हालात)अन्य के मुकाबले ज्यादा खराब है लेकिन बढ़ोतरी (मामलों में) देश भर में देखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि दूसरी लहर को काबू में करने के लिए जनभागीदारी अहम है। अगले चार सप्ताह बेहद अहम रहने वाले हैं। पूरे देश को एकजुट हो कर महामारी से लड़ने के प्रयास करने होंगे।

देश में महामारी के हालत पर विस्तार से चर्चा करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि छत्तीसगढ़ का दुर्ग जिला उपचाराधीन मरीजों में शीर्ष दस जिलों में शामिल है। उन्होंने कहा कि जिन दस जिलों में सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं उनमें पुणे, मुंबई, ठाणे, नागपुर, नासिक, बंगलुरु शहर, औरंगाबाद, अहमदनगर, दिल्ली और दुर्ग शामिल हैं। भूषण ने बताया कि केंद्र ने 50 उच्चस्तरीय जन स्वास्थ्य टीमें गठित की हैं और उन्हें महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और पंजाब में ज्यादा मामले सामने आने वाले और संक्रमण से ज्यादा मौतों वाले जिलों में तैनात किया गया है।

तीन दिन में दूसरी बार मामले एक लाख पार

देश में कोरोना विषाणु संक्रमण बहुत तेज गति से फैल रहा है। मंगलवार रात दस बजे तक देश में 1,13,940 नए मामले दर्ज किए गए। ये मामले 24 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारों के स्वास्थ्य विभागों की ओर से जारी किए गए थे। मंगलवार को इन राज्यों में 624 लोगों की मौत हुई।

महाराष्ट्र में सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राज्य में मंगलवार को 55,469 नए मामले दर्ज किए गए। विभाग के मुताबिक महाराष्ट्र में संक्रमितों की कुल संख्या 31,13,354 तक पहुंच गई है। वहीं, राज्य में 297 लोगों की मौत हुई। मुंबई में 10,030 नए मामले दर्ज किए गए।

महाराष्ट्र के बाद छत्तीसगढ़ में 9,927, कर्नाटक में 6,150, उत्तर प्रदेश में 5,928, दिल्ली में 5,100, मध्य प्रदेश में 3,722, तमिलनाडु में 3,645, केरल में 3,502, गुजरात में 3,280, पंजाब में 2,924, राजस्थान में 2,236, हरियाणा में 2,099, पश्चिम बंगाल में 2,058, आंध्र प्रदेश में 1,941, तेलंगाना में 1,498, बिहार में 1,080, उत्तराखंड में 791, ओड़ीशा में 588, जम्मू कश्मीर में 561, हिमाचल प्रदेश में 428, गोवा में 387, चंडीगढ़ में 319, पुदुचेरी में 237 और असम में 70 नए मामले दर्ज किए गए।

सोमवार को सर्वाधिक 43 लाख से अधिक टीके लगे

देश में चौबीस घंटों में 43 लाख से अधिक लोगों को कोरोना विषाणु संक्रमण रोधी टीका लगाया गया। यह अब तक एक दिन में लगाए गए कोरोना टीकों की सबसे ज्यादा संख्या है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मंगलवार तक के आंकड़ों के मुताबिक अब तक कुल 8,31,10,926 टीके लगाए जा चुके हैं। अब तक लगाए गए कुल टीकों में से 60 फीसद महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और केरल में हैं।

मंत्रालय के सुबह सात बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक टीकाकरण अभियान के 80वें दिन कुल 43,00,966 टीके लगाए गए जिनमें से 39,00,505 लाभार्थियों को पहला टीका जबकि 4,00,461 लाभार्थियों को दूसरा टीका लगाया गया। मंत्रालय ने कहा कि यह देश में अब तक एक दिन में दिए गए टीकों के लिहाज से सर्वाधिक है।

नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल ने कहा कि देश के लिए यह एक उपलब्धि है और कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई में इसकी प्रशंसा करनी चाहिए। मंत्रालय ने कहा, सुबह सात बजे तक की रिपोर्ट के मुताबिक 12,83,816 सत्रों के माध्यम से 8,31,10,926 टीके दिए गए।

इनमें 89,60,061 स्वास्थ्य कर्मी शामिल हैं जिन्हें पहला टीका लगाया गया और 53,71,162 ऐसे स्वास्थ्य कर्मी हैं जिन्हें दूसरा टीका लगाया गया। इसके अलावा पहला टीका लगवाने वाले अग्रिम मोर्चे के 97,28,713 कर्मी और दूसरा टीका लगवाने वाले 42,64,691 कर्मी हैं। इसके अलावा 45 साल से अधिक उम्र के 5,35,88,535 को पहला और 11,97,764 को दूसरा टीका लगाया गया।

पाबंदियों का दौर शुरू, दिल्ली और चंडीगढ़ में रात्रि कर्फ्यू

कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बाद मंगलवार को दिल्ली में 30 अप्रैल तक के लिए रात्रि कर्फ्यू लगाने का फैसला किया गया है। दिल्ली के अलावा चंडीगढ़ प्रशासन ने भी रात्रि कर्फ्यू लगाने का आदेश जारी किया है। पंजाब में रात्रि कर्फ्यू और सभी प्रतिबंध 10 अप्रैल तक लागू रहेंगे। इसके बाद आगे की स्थिति को देखते हुए फैसला किया जाएगा। पंजाब और चंडीगढ़ में प्रशासन साप्ताहिक पूर्णबंदी लगाने पर भी गंभीरता से विचार कर रहा है। महाराष्ट्र में सोमवार से ही रात्रि कफ्यू लगा दिया गया है।

दिल्ली सरकार ने रात्रि कर्फ्यू की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी है। यह व्यवस्था रात्रि 10 बजे से लेकर सुबह पांच बजे तक सात घंटे के लिए लागू रहेगी। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। मुख्य सचिव सत्य गोपाल ने आदेश जारी किए हैं। आदेश की प्रति को सभी संबंधित विभागों को भेजी गई है।

तीस अप्रैल तक कफ्यू अवधि के दौरान अब दिल्ली में केवल आपातकालीन स्थिति में आवश्यक गतिविधियों और सेवाओं की अनुमति होगी। गर्भवती महिलाओं, रोगियों, हवाईअड्डे, रेलवे व बस स्टेशन से आने-जाने वाले लोगों को, राजनयिक कार्यालयों के कामकाज से संबंधित अधिकारियों व संवैधानिक पद पर आसीन किसी व्यक्ति को आवाजाही की अनुमति होगी। इसी प्रकार स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, सभी चिकित्सा संस्थानों, पुलिस, जेल, होमगार्ड, दमकल व अन्य आपात सेवाओं में शामिल केंद्र व दिल्ली सरकार के अधिकारियों को इससे छूट होगी।

छूट के दायरे में जिला प्रशासन के अधिकारियों, वेतन व लेखा कार्यालय, विद्युत, जल और स्वच्छता, सार्वजनिक परिवहन, आपदा प्रबंधन तथा अन्य इस तरह की आवश्यक सेवाओं के लोगों को वैध पहचान पत्र दिखाने पर रात्रि कर्फ्यू में आने-जाने की अनुमति होगी।

इसके अतिरिक्त डॉक्टर, नर्सिंग कर्मचारियों और अस्पताल से जुड़ी अन्य सेवाओं के कर्मचारियों, डायग्नोस्टिक केंद्रों, क्लीनिकों, फार्मेसियों, फार्मास्युटिकल कंपनियों और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के लोगों को भी इस आदेश से छूट होगी। आदेश के मुताबिक यदि कोई भी व्यक्ति तय नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ आइपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

आदेश के मुताबिक गर्भवती महिला व मरीज को ले जा रही एंबुलेंस सेवा भी छूट के दायरे में शामिल रहेंगी। इसके अतिरिक्त हवाई अड्डा, रेलवे स्टेशन व बस अड्डे से आने वाले यात्रियों को भी राहत दी जाएगी। बशर्ते ऐसे यात्रियों के पास सार्वजनिक परिवहन का वैध टिकट हो। इसके अतिरिक्त दूतावास में काम कर रहे कर्मचारियों, अधिकारियों के लिए भी वैध पहचान पत्र के आधार पर आने जाने की अनुमति दी जाएगी।

आदेश के मुताबिक किराना व्यवसाय, फल और सब्जी विक्रेता, डेयरी व दूध के बूथों, पशु चारा आदि व्यवसायों से जुड़े लोगों, बैंक, बीमा दफ्तरों और एटीएम, निजी सुरक्षा एजंसियों, मीडिया, दूरसंचार व इंटरनेट सेवाओं आदि क्षेत्रों में कार्यरत लोगों को ई-पास दिखाने पर रात के समय आने-जाने दिया जाएगा। ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा था कि दिल्ली में कोरोना की चौथी लहर दिखाई दे रही है लेकिन बंद लगाने के संबंध में कोई फैसला सार्वजनिक विचारविमर्श के बाद ही किया जाएगा।

उधर पंजाब के बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने भी शहर में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए रात्रि कर्फ्यू लगाने का आदेश जारी किया है। रात 10 बजे से सुबह पांच बजे तक लोगों के बाहर निकलने पर प्रतिबंध रहेगा। पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने मंगलवार को ट्राइसिटी के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की।

बैठक में प्रशासक ने कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर बेहद चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बीते कुछ दिनों से कोरोना के दैनिक मामलों में बहुत तेजी आई है। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए रात्रि कर्फ्यू का एलान किया गया है। प्रशासक का यह आदेश मंगलवार रात से लागू हो जाएगा। इससे पहले महाराष्ट्र में सोमवार से रात्रि कर्फ्यू लगाया है। सरकार के आदेशानुसार यह कर्फ्यू रात 8 बजे से शुरू होकर सुबह 7 बजे तक रहेगा।

इससे पहले 31 मार्च को पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने समीक्षा बैठक कर कोरोना संक्रमण के हालात का जायजा लिया था। प्रतिबंध 10 अप्रैल तक बढ़ाने के आदेश जारी किए गए थे। बैठक में मुख्यमंत्री ने आदेश जारी किया था कि जेलों में टीकाकरण अभियान शुरू किया जाए। पटियाला के नाभा की खुली जेल में 40 महिला कैदियों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद यह आदेश जारी किया गया।

पंजाब के 11 जिलों में कोरोना संक्रमण के ज्यादा मामले हैं। पंजाब के फतेहगढ़ साहिब, मोहाली, पटियाला, लुधियाना, जालंधर, नवांशहर, कपूरथला, होशियारपुर, रोपड, अमृतसर और मोगा में नाइट कर्फ्यू है। वहां रात 10 बजे से सुबह पांच बजे तक लोगों के बाहर निकलने पर प्रतिबंध है।

लगातार 27वें दिन बढ़े कोविड-19 के मामले

देश में चौबीस घंटे में कोरोना विषाणु संक्रमण के 96,982 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या 1,26,86,049 हो गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार सुबह आठ बजे जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार एक दिन में 446 और मरीजों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 1,65,547 हो गई। देश में सोमवार को अभी तक के सर्वाधिक 1,03,558 नए मामले सामने आए थे।

आंकड़ों के अनुसार देश में लगातार 27 दिनों से नए मामलों में बढ़ोतरी के साथ ही उपचाराधीन मरीजों की संख्या भी बढ़कर 7,88,223 हो गई, जो कुल मामलों का 6.21 फीसद है। देश में 12 फरवरी को सबसे कम 1,35,926 उपचाराधीन मरीज थे। देश में 1,17,32,279, लोग अभी तक संक्रमण मुक्त हो चुके हैं।

हालांकि मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर में गिरावट आई है और वह अब 92.48 फीसद है। वहीं, कोरोना से मृत्यु दर 1.30 फीसद है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद आइसीएमआर) के अनुसार, देश में पांच अप्रैल तक 25,02,31,269 नमूनों की कोरोना संबंधी जांच की गई। इनमें से 12,11,612 नमूनों की जांच सोमवार को की गई थी।

चौब्ीस घंटे में जिन 446 लोगों की मौत संक्रमण से हुई, उनमें से महाराष्ट्र के 155, पंजाब के 72, छत्तीसगढ़ के 44, कर्नाटक के 32, दिल्ली, गुजरात व मध्य प्रदेश के 15-15, उत्तर प्रदेश के 13, केरल व राजस्थान के 12-12, तमिलनाडु के 11 और झारखंड के 10 लोग थे। देश में संक्रमण से अभी तक कुल 1,65,547 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से महाराष्ट्र के 56,033, तमिलनाडु के 12,789, कर्नाटक के 12,657, दिल्ली के 11,096, पश्चिम बंगाल के 10,348, उत्तर प्रदेश के 8,894, आंध्र प्रदेश के 7,244 और पंजाब के 7,155 लोग थे।




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