राज्यसभा उपसभापति चुनाव :- हरिवंश Vs हरिप्रसाद किस पार्टी ने दिया किसे वोट, जानें जीत का पूरा गणित!

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भाजपा की तरफ से जेडीयू के राज्यसभा सदस्य हरिवंश को गुरुवार को राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए चुना गया. उन्हें विपक्ष की ओर से कांग्रेस के उम्मीदवार बी के हरिप्रसाद को मिले 105 मतों के मुकाबले 125 मत मिले.

सदन की कार्यवाही शुरू होने पर सभापति एम वैंकेया नायडू ने सदन पटल पर जरूरी दस्तावेज रखवाने के बाद उपसभापति पद की चुनाव प्रक्रिया शुरू करवाई. हरिवंश के पक्ष में 125 और हरिप्रसाद के पक्ष में 105 वोट पड़े. वोटिंग में दो सदस्यों ने हिस्सा नहीं लिया. सदन में कुल 232 सदस्य मौजूद थे.

हरिवंश के पक्ष में जेडीयू के आरसीपी सिंह, बीजेपी के अमित शाह, शिव सेना के संजय राउत और अकाली दल के सुखदेव सिंह ढींढसा ने प्रस्ताव किया. वहीं हरिप्रसाद के लिए बीएसपी के सतीश चंद्र मिश्रा, आरजेडी की मीसा भारती, कांग्रेस के भुवनेश्वर कालिता, एसपी के रामगोपाल यादव और एनसीपी की वंदना चव्हाण ने प्रस्ताव पेश किया.

इन प्रस्तावों पर मतविभाजन के बाद सभापति नायडू ने हरिवंश को उपसभापति निर्वाचित घोषित किया. इसके बाद हरिप्रसाद ने हरिवंश को उनके स्थान पर जाकर बधाई दी.

नेता सदन अरुण जेटली, नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद, संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार और संसदीय कार्य राज्यमंत्री विजय गोयल ने हरिवंश को बधाई देते हुए उन्हें उपसभापति के निर्धारित स्थान पर बिठाया. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरिवंश को शुभकामनाएं देते हुए उनके अनुभव के हवाले से उनके निर्वाचन को सदन के लिए गौरव का विषय बताया.

सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि हरिवंश को बीजेपी गठबंधन पार्टियों के 91 सदस्यों के अलावा तीन नामित सदस्यों और निर्दलीय अमर सिंह का वोट मिला. इसके अलावा उन्हें गैर एनडीए दलों-एआईएडीएमके के 13, टीआरएस के छह, इनेलो के एक सदस्य का समर्थन मिला. बीजेडी के 9 सांसदों ने भी हरिवंश को वोट किया. कुल मत 123 हुए लेकिन कहा जा रहा है कि दो निर्दलीय सांसदों ने भी एनडीए के पक्ष में वोट किया जिससे कुल आंकड़ा 125 बैठता है. वाईएसआर कांग्रेस के दो सदस्य वोटिंग से गैर-हाजिर रहे.

हरिप्रसाद के पक्ष में यूपीए के घटक दलों में यूपीए के 60 सदस्यों (कुल 61 सदस्य का आंकड़ा था लेकिन कांग्रेस नेता सुब्बारेड्डी गैर-हाजिर रहे) के अलावा, तृणमूल कांग्रेस और एसपी के 13-13 सदस्यों, टीडीपी के छह, सीपीएम के पांच, बीएसपी के चार और डीएमके के तीन (करुणानिधि की मौत के कारण कनिमोड़ि गैरहाजिर रहीं) सदस्यों, सीपीआई के दो और जेडीएस के एक सदस्य का समर्थन मिला. इसप्रकार हरिप्रसाद को मिले वोटों की संख्या 105 रही.

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