परिवार से दूर भाग जाएगे सारे दुःख दर्द बस सावन में करें यह उपाय

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वैसे तो शिव चतुर्दशी हर माह में आती हैं. लेकिन सावन में जो शिव चतुर्दशी आती है उसका महत्व बहुत बढ़ जाता हैं. ऐसा माना जाता हैं की शिव के पूजन से आपके सारे कष्टों का तो अन्त होता ही हैं इसके साथ ही वो आपके परिवार द्वारा किए गये सारे पापों को भी नष्ट करते हैं. शिव के बारे में कहा जाता हैं की वो अपने भक्तों से बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं. उनकी थोड़ी सी की गई पूजा आपको अधिक लाभ देती हैं. आज हम आपको सावन में शिव चतुर्दशी का महत्व और शिव की पूजा अर्चना के बारे में बताने जा रहे हैं.

सावन में शिव चतुर्दशी का महत्त्व –

जीवन के सभी सुखों की प्राप्ति के लिए व्यक्ति कोशिव चतुर्दशी का व्रत करना चाहिए. यह व्रत व्यक्ति के सम्पूर्ण सुखों का भोग कराता है. इस व्रत के बारे में कहा जाता है की जो भी व्यक्ति इस व्रत को करता हैं वो दीर्घायु, ऐश्वर्य, आरोग्य, संतान एवं विद्या आदि प्राप्त करने के बाद जब उसकी मृत्यु होती है तो वो शिवलोक में जाता है. शिव से जुडी हुई पूजा अर्चना करने के लिए जो व्यक्ति शिव मन्त्रों का जाप शिव मंदिर या घर के पूर्व भाग में बैठकर जाप करता हैं तो उसको ज्यादा फल मिलता हैं.

शिव चतुर्दशी व्रत करने की विधि-

जो व्यक्ति हर महीने की शिव चतुर्दशी का व्रत करते हैं उनको त्रयोदशी के दिन सिर्फ एक समय खाना को खाना चाहिए. फिर दुसे दिन सुबह नहा धोकर चतुर्दशी के दिन व्रत का संकल्प लेकर शिव जी की धूप, दीप पुष्प आदि से पूजा करनी चाहिए. शिवजी की पूजा में भांग, धतूरा और बेलपत्र का विशेष महत्व होता है, इसलिए पूजा करते समय इन सामग्रियों का उपयोग करें.

अपनी ख्वाहिश पूरा करने के लिए इन चीजों से करें शिव का अभिषेक –

सावन माह में वैसे तो हर दिन भोले भंडारी का होता हैं लेकिन सावन के सोमवार और शिव चतुर्दशी का विशेष महत्त्व हो जाता हैं. इस दिन व्यक्ति को शिव का अभिषेक जरुर कराना चाहिए. अब प्रश्न उठता हैं की अभिषेक किन चीजों से किया जाए. तो आप अपनी परेशानी के अनुसार शिव का अभिषेक कर सकते हैं जैसे- भोग ओर मोक्ष दोनों प्राप्त करने के लिए शिवलिंग पर गंगाजल की धारा से अभिषेक करना चाहिए. गन्ने के रस से अभिषेक करने से जीवन में सारे आन्नद की प्राप्ति होती है.दूध से अभिषेक करने से व्यक्ति के जीवन से कलह शांत होती हैं. आपके दुःख कम होते है. मन शांत होता है.
सुगन्धित तेल से अभिषेक कतरने से आपके ऐशोआराम में वर्द्धि होती है. शिवलिंग पर सहस्त्रनाम मंत्रों के साथ धी से अभिषेक करने से आपका परिवार आगे बढ़ता है. वंश की वृद्धि होती है. सावन में अभिषेक का महत्त्व इसलिए और बढ़ जाता हैं क्योकि इस समय किए गए अभिषेक से सिर्फ शिव की नहीं बल्कि पार्वती , गणेश और लक्ष्मी की कृपा भी परिवार के ऊपर बनी रहती है. तो आप भी इस समय का लाभ उठाकर अपनी सारी परेशानियों को दूर सकते हैं.

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