18 June 2021

Recipes of delicious Fara and Dhuska ingredients in jansatta ravivari dana pani column – खाएं फरा चखें धुस्का

मानस मनोहर
आजकल खानपान में इतनी विविधता आ गई है और नए-नए व्यंजन बनाने को लेकर इतने तरह के प्रयोग हो रहे हैं कि अब पाकशास्त्र की विधियां बहुत तेजी से अपनी सीमाएं लांघ रही हैं। वैसे भी एक जगह की शैली को दूसरी जगह की शैली के साथ मिला कर प्रयोग करने में गुरेज नहीं होना चाहिए। इस बार कुछ ऐसे ही मिश्रित शैलियों वाले व्यंजन।

फरा
फरा एक देसी व्यंजन है। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश के गांवों में इसे खूब खाया जाता है। मगर कुछ प्रयोग करके इसे भी शहरी स्वाद में ढाला जा सकता है। फरा बनाने के लिए एक कटोरी चने की दाल चार-पांच घंटे के लिए भिगो कर रख दें। फिर इसका पानी निथारें और दरदरा पीस लें। इसे पीसते समय ध्यान रखें कि पेस्ट की तरह महीन न हो। दरदरा हो, यानी दाल टूट कर मोटे टुकड़ों में बंट जाए। चाहें तो इसे पीसते समय ही इसमें दो-तीन हरी मिर्च, थोड़ा-सा अदरक का टुकड़ा और तीन-चार कलियां लहसुन की डाल सकते हैं। नहीं तो दाल को पीसने के बाद इन तीनों चीजों को महीन काट कर या पीस कर डाल सकते हैं।
इसके अलावा धनिया पत्ता और एक मध्यम आकार का प्याज बारीक काट कर डाल लें। फिर आधा चम्मच जीरा, आधा चम्मच सौंफ, आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, आधा चम्मच धनिया पाउडर, चौथाई चम्मच गरम मसाला और जरूरत भर का नमक डाल कर अच्छी तरह मिला लें। ध्यान रखें कि जब दाल का यह मिश्रण तैयार करें, तो इसमें पानी बिल्कुल नहीं होना चाहिए। यह दरअसल, फरा का भरावन है। इसे चावल के आटे में भरना है।

अब दो कटोरी या दो कप चावल का आटा लें। थोड़ा-थोड़ा गुनगुना पानी डालते हुए इसे कड़ा गूंथ लें। इसमें से छोटी-छोटी लोइयां लेकर अंगुलियों की मदद से कटोरीनुमा आकार दें। इन्हीं कटोरियों में चना दाल का भरावन डाल कर अच्छी तरह बंद कर दें। जैसे लंबे आकार में गुझिया बनाते हैं, उसी तरह का आकार दें। चाहें तो गोल आकार में भी रख सकते हैं। फरा को भाप में पकाना होता है। इसलिए अगर आपके पास इडली कुकर है, तो उसमें इन्हें रखकर पका सकते हैं।
अगर इडली कुकर नहीं है, तो एक बड़े भगोने या कड़ाही में एक डेढ़ गिलास पानी डालें। उसमें एक कटोरी रखें और फिर एक जालीदार बर्तन में फरों को रखकर कटोरी के ऊपर रख दें। ऊपर से ढक्कन लगाएं और फरों को मध्यम आंच की भाप में पंद्रह से बीस मिनट पकने दें। फिर एक फरा निकाल कर उसमें चाकू की नोक घुसा कर देखें। अगर चाकू साफ निकल आता है, तो इसका मतलब है कि फरे पक गए हैं।

यों तो पारंपरिक तौर पर फरे हरी चटनी या फिर हरी मिर्च और लहसुन की चटनी के साथ खाए जाते हैं, पर शहरी स्वाद के अभ्यस्त लोगों को यह पसंद नहीं आएगा। इसलिए इसे अलग स्वाद देने के लिए एक प्रयोग करें। चाकू से फरों को दो या तीन टुकड़ों में काट लें। एक पैन में दो चम्मच तेल गरम करें। उसमें राई, हींग, कढ़ी पत्ता और आधा चम्मच कुटी लाल मिर्च का तड़का दें और फरों को उसमें डाल कर अच्छी तरह मिला लें। इसे और अलग रूप देने के लिए चाहें तो चुटकी भर आरेगेनो और दो चम्मच टमाटर सॉस डाल सकते हैं। फिर इसका स्वाद लाजवाब हो जाएगा। इसमें प्रयोग तो भरावन के स्तर पर भी किया जा सकता है।
आप देखें कि फरा का स्वरूप मोमोज की तरह का है। इसलिए अगर दाल की जगह कुछ सब्जी भरना चाहते हैं, तो वह भी भर सकते हैं। किसी भी व्यंजन को उससे मिलती-जुलती प्रकृति वाले व्यंजन की शैली के साथ मिलाकर पकाएं, उसका स्वाद तो बदलेगा ही, वह एक नया व्यंजन बन जाएगा।

धुस्का
धुस्का मुख्य रूप से झारखंड का लोकप्रिय व्यंजन है। मगर इसमें इस्तेमाल होने वाली चीजें लगभग वही हैं, जो दक्षिण में इडली-डोसा बनाने में उपयोग की जाती हैं। पारंपरिक रूप से धुस्का बनाने के लिए दो कटोरी चावल, एक कप चना दाल और एक कप मूंग या उड़द की दाल को रात भर के लिए भिगो कर रख दिया जाता है। मात्रा के इसी अनुपात में आप कम या अधिक सामग्री ले सकते हैं।

आमतौर पर चावल और दालों को पीस कर उसमें कटा हुआ प्याज, हरी मिर्च, धनिया पत्ता, अदरक और कुटी लाल मिर्च, नमक, चुटकी भर हींग, चौथाई चम्मच हल्दी डाल कर अच्छी तरह मिला लिया जाता है। फिर इस गाढ़े घोल को गरम तेल में पकौड़े की तरह सुनहरा होने तक तल लिया जाता है। आप चाहें तो इस तरीके से बनाकर खा सकते हैं। पर चाहें तो प्रयोग करके इसमें थोड़ा चीनी और थोड़ा इटालियन स्वाद भी डाल सकते हैं।

प्रयोग के तौर पर चावल और दालों के घोल में प्याज, धनिया, हरी मिर्च, अदरक के अलावा घिसा हुआ गाजर और शिमला मिर्च भी डालें। कुटी हुई लाल मिर्च और हल्दी पाउडर के अलावा आधा चम्मच आरेगेनो डालें। फिर सारी चीजों को अच्छी तरह मिलाएं और चाहें तो पकौड़े की तरह सुनहरा होने तक तेल में तलें या फिर नॉन स्टिक तवे पर मनचाहे आकार में उलट-पलट कर दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेंक लें।

पारंपरिक तौर पर धुस्का आलू-चने की तरीदार सब्जी के साथ खाया जाता है, पर आप इसे लाल चटनी, मियोनीज वगैरह के साथ भी परोस सकते हैं। कचौड़ी या पूड़ी के साथ परोसी जाने वाली आलू की सब्जी भी ले सकते हैं। धुस्का पर चाट मसाला डाल कर भी परोस सकते हैं। प्रयोग करके देखें और जैसे पसंद आए, वैसे बनाएं और खाएं।




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