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आखिर कब मिलेगी उमर-महबूबा को नजरबंदी से रिहाई ?

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उमर-महबूबा की रिहाई पर सत्यपाल मलिक का बड़ा बयान। आखिर कब तक होगी नजरबंदी से उमर-महबूबा की रिहाई ? जम्मू-कश्मीर के दो पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती पिछले 23 दिनों से नजरबंद हैं। हालांकि अब जब जम्मू कश्मीर में हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं, तो ऐसे में इन दोनों नेताओं की रिहाई को लेकर भी कयासों का दौर शुरू हो गया है। ऐसे में जम्मू कश्मीर के गवर्नर सत्यपाल मलिक की ओर से उमर और महबूबा की रिहाई को लेकर बड़ा बयान सामने आया है।

दऱअसल राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने अपनी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कश्मीर के मौजूदा हालात को लेकर कई बड़ी जानकारी दी। इस दौरान उनसे जब एनसी नेता उमर अब्दुल्ला और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती की रिहाई को लेकर पूछा गया, तो उन्होने दो टूक जवाब दिया कि ये जितने बड़े नेता बनेंगे, उतने ही देर तक हिरासत में रहेंगे। हालांकि इस दौरान उन्होंने इतना जरूर कहा कि मैं उनके अच्छे की कामना करता हूं। उनको कोई दिक्कत हो तो मुझे खबर कराएं, मैं उनकी मदद करूंगा। दोनों के हिरासत में रखे जाने के फैसले को सही ठहराने कोशिश करते हुए, मलिक ने कहा कि जितना ज्यादा वक्त वे जेल में रहेंगे, उन्हें उतना ही राजनीतिक फायदा मिलेगा।

राज्यपाल मलिक ने कहा क्या आप नहीं चाहते हैं, लोग नेता बनें। मैं 30 बार जेल गया हूं। जो लोग जेल जाते हैं, वे नेता बनते हैं। उन्हें वहां रहने दें। जितना ज्यादा वक्त वे जेल में बिताएंगे, चुनाव प्रचार के समय उतना ही वे दावे कर पाएंगे। मैंने छह महीने जेल में गुज़ारे हैं। उन्होंने कहा कि इसलिए अगर आपको उनसे हमदर्दी है, तो उन्हें हिरासत में लेने से दुखी नहीं हों। वे सभी अपने घरों में हैं। मैं आपातकाल के दौरान फतेहगढ़ जेल में था, जहां पहुंचने में दो दिन लगते थे। अगर किसी मुद्दे पर किसी को हिरासत में लिया जाता है और उसकी मर्जी है, तो वो राजनीतिक लाभ लेगा।

इससे पहले ये खबर सामने आई थी कि कश्मीर प्रशासन ने रिहाई के लिए उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के सामने ‘कुछ शर्तें’ रखी हैं। बताया जा रहा है कि सरकार ने दोनों नेताओं को कहा कि अगर रिहा होने के बाद, वो कोई भी भड़काऊ बयान नहीं देंगे, जिससे घाटी में हालत बिगड़े, तो सरकार को उन्हें छोड़ने में कोई दिक्कत नहीं होगी। लेकिन जो खबर सामने आ रही है, उसके मुताबिक उमर और महबूबा ने सरकार के इस प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया। मतलब साफ है कि उमर और महबूबा को अभी कुछ और दिन हिरासत में रहना पड़ सकता है।

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