Home ताज़ा पकिस्तान ने आखिरकार उगल ही दी 9/11 की सच्चाई, इमरान ने बताई पूरी कहानी

पकिस्तान ने आखिरकार उगल ही दी 9/11 की सच्चाई, इमरान ने बताई पूरी कहानी

6 second read
Comments Off on पकिस्तान ने आखिरकार उगल ही दी 9/11 की सच्चाई, इमरान ने बताई पूरी कहानी
0
101

जम्मू-कश्मीर के मसले पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की ओर से अमेरिका के सामने लगाई गई गुहार काम नहीं आई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मसले पर भारत को अपना दोस्त बता दिया। लेकिन इससे इतर एक कार्यक्रम के दौरान इमरान खान अमेरिका पर ही बरस पड़े। इतना ही नहीं अमेरिका पर खींझ निकालने के दौरान उन्होंने अपने मुंह से पाकिस्तान की असलियत पूरी दुनिया के सामने रख दी।

जी हां, पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने माना कि खूंखार आतंकी संगठन अल कायदा की ट्रेनिंग उनके ही देश में हुई थी। ये आतंकवाद पर पाकिस्तान के सबसे बड़े कबूलनामों में एक है। अमेरिकी थिंक टैंक काउिंसल ऑन फॉरन रिलेशंस में इमरान ने कहा कि 11 सितंबर, 2001 को अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले से पहले अल कायदा के आतंकवादियों को पाकिस्तानी आर्मी और ISI ने ट्रेनिंग दी थी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सरकार ने 9/11 की विनाशकारी वारदात के बाद उन आतंकी समूहों के प्रति अपनी नीति बदल ली, लेकिन पाकिस्तानी आर्मी बदलना नहीं चाहती थी।

इस दौरान इमरान से जब पूछा गया कि अल कायदा चीफ ओसामा बिन लादेन की ऐबटाबाद में मौजूदगी और यूएस नेवी सील्स के हाथों मारे जाने की घटना की, पाकिस्तान सरकार ने जांच क्यों नहीं कराई? इस पर इमरान ने कहा, हमने जांच की थी, लेकिन मैं कहूंगा कि पाकिस्तान आर्मी, ISI ने 9/11 से पहले अल कायदा को ट्रेंड किया था।

जम्मू-कश्मीर के मसले पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की ओर से अमेरिका के सामने लगाई गई गुहार काम नहीं आई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मसले पर भारत को अपना दोस्त बता दिया। लेकिन इससे इतर एक कार्यक्रम के दौरान इमरान खान अमेरिका पर ही बरस पड़े। इतना ही नहीं अमेरिका पर खींझ निकालने के दौरान उन्होंने अपने मुंह से पाकिस्तान की असलियत पूरी दुनिया के सामने रख दी।

जी हां, पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने माना कि खूंखार आतंकी संगठन अल कायदा की ट्रेनिंग उनके ही देश में हुई थी। ये आतंकवाद पर पाकिस्तान के सबसे बड़े कबूलनामों में एक है। अमेरिकी थिंक टैंक काउिंसल ऑन फॉरन रिलेशंस में इमरान ने कहा कि 11 सितंबर, 2001 को अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले से पहले अल कायदा के आतंकवादियों को पाकिस्तानी आर्मी और ISI ने ट्रेनिंग दी थी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सरकार ने 9/11 की विनाशकारी वारदात के बाद उन आतंकी समूहों के प्रति अपनी नीति बदल ली, लेकिन पाकिस्तानी आर्मी बदलना नहीं चाहती थी।

इस दौरान इमरान से जब पूछा गया कि अल कायदा चीफ ओसामा बिन लादेन की ऐबटाबाद में मौजूदगी और यूएस नेवी सील्स के हाथों मारे जाने की घटना की, पाकिस्तान सरकार ने जांच क्यों नहीं कराई? इस पर इमरान ने कहा, हमने जांच की थी, लेकिन मैं कहूंगा कि पाकिस्तान आर्मी, ISI ने 9/11 से पहले अल कायदा को ट्रेंड किया था। इसलिए, हमेशा लिंक जुड़ते रहे। आर्मी में कई ओहदेदार 9/11 के बाद बदली नीति से सहमत नहीं हुए। ट्रंप की ओर इशारा करते हुए इमरान ने कहा कि वर्ल्ड लीडर ये नहीं समझते हैं कि पाकिस्तान में कट्टरता कैसे आई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने 1980 में अमेरिका की मदद से सोवियत संघ के खिलाफ जेहाद छेड़ा था। उन्होंने कहा कि अमेरिका की मदद से ISI ने दुनियाभर के मुस्लिम देशों से आतंकियों को बुलाकर ट्रेनिंग दी ताकि वे सोवियत यूनियन के खिलाफ जेहाद कर सकें। जो बाद में अलकायदा बना। साल 1989 में जब सोवियत ने अफगानिस्तान छोड़ दिया, बाद में अमेरिका ने छोड़ दिया, लेकिन ये आतंकी संगठन पाकिस्तान में ही रहे।

आपको बता दें कि अल कायदा और इसके चीफ ओसामा बिन लादेन पर पाकिस्तान की ओर से पिछले तीन महीने में यह दूसरा बड़ा कबूलनामा है। इससे पहले इमरान खान ने जुलाई में कहा था कि पाकिस्तान को ओसामा की मौजूदगी का पता था। लेकिन इस बार उन्होंने पाक आर्मी और ISI दोनों को बेनकाब कर दिया।

इसलिए, हमेशा लिंक जुड़ते रहे। आर्मी में कई ओहदेदार 9/11 के बाद बदली नीति से सहमत नहीं हुए। ट्रंप की ओर इशारा करते हुए इमरान ने कहा कि वर्ल्ड लीडर ये नहीं समझते हैं कि पाकिस्तान में कट्टरता कैसे आई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने 1980 में अमेरिका की मदद से सोवियत संघ के खिलाफ जेहाद छेड़ा था। उन्होंने कहा कि अमेरिका की मदद से ISI ने दुनियाभर के मुस्लिम देशों से आतंकियों को बुलाकर ट्रेनिंग दी ताकि वे सोवियत यूनियन के खिलाफ जेहाद कर सकें। जो बाद में अलकायदा बना। साल 1989 में जब सोवियत ने अफगानिस्तान छोड़ दिया, बाद में अमेरिका ने छोड़ दिया, लेकिन ये आतंकी संगठन पाकिस्तान में ही रहे।

आपको बता दें कि अल कायदा और इसके चीफ ओसामा बिन लादेन पर पाकिस्तान की ओर से पिछले तीन महीने में यह दूसरा बड़ा कबूलनामा है। इससे पहले इमरान खान ने जुलाई में कहा था कि पाकिस्तान को ओसामा की मौजूदगी का पता था। लेकिन इस बार उन्होंने पाक आर्मी और ISI दोनों को बेनकाब कर दिया।

Check Also

क्या महाराष्ट्र में बिना BJP के सरकार बनाना शिवसेना का आखिरी सुसाइड है ?

क्या महाराष्ट्र में बिना BJP के सरकार बनाना शिवसेना का आखिरी सुसाइड है ? तो क्या मुख्यमंत्…