Home पॉलिटिक्स 370 हटने के बाद आज से जम्मू और कश्मीर में लागू होंगे 10 नए कानून, जिसे जानना आपके लिए बेहद जरूरी है…

370 हटने के बाद आज से जम्मू और कश्मीर में लागू होंगे 10 नए कानून, जिसे जानना आपके लिए बेहद जरूरी है…

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आजाद हिंदुस्तान के 70 साल के इतिहास में आज एक ऐतिहासिक दिन है। धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर और लद्दाख आज से केंद्र शासित प्रदेश बन गए हैं। भारत सरकार की ओर से 5 अगस्त को धारा 370 की ताकतों को पंगु करने के बाद, आज यानी 31 अक्टूबर से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो अलग राज्य बन गए हैं। इसी के साथ राज्य में संसद के बने कई कानून लागू हो सकेंगे। इसको लेकर केंद्र सरकार ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हस्ताक्षर वाला राजपत्र यानी गजट जारी कर दिया है। तो आइए जानते हैं कि आखिर आज से जम्मू कश्मीर में कौन से 10 बदलाव होंगे।

नंबर एक- जम्मू-कश्मीर राज्य पुनर्गठन कानून के तहत लद्दाख अब बिना विधानसभा के केंद्र शासित प्रदेश और जम्मू-कश्मीर विधानसभा सहित केंद्र शासित प्रदेश बन गया है।

नंबर दो- अब तक जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल पद था, लेकिन अब दोनों केंद्रशासित प्रदेशों में उप-राज्यपाल होंगे। जम्मू-कश्मीर के लिए गिरीश चंद्र मुर्मू, तो लद्दाख के लिए राधा कृष्ण माथुर को उपराज्यपाल बनाया गया है।

नंबर तीन- अभी दोनों राज्यों का एक ही हाईकोर्ट होगा, मगर दोनों राज्यों के एडवोकेट जनरल अलग होंगे। सरकारी कर्मचारियों के सामने दोनों केंद्र शासित राज्यों में से किसी एक को चुनने का विकल्प होगा।

नंबर चार- अब तक राज्य में अधिकतर केंद्रीय कानून लागू नहीं होते थे, अब केंद्र शासित राज्य बन जाने के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दोनों राज्यों में कम से कम 106 केंद्रीय कानून लागू हो पाएंगे।

नंबर पांच- जम्मू कश्मीर में अब तक 87 सीटों पर चुनाव होते थे। जिनमें 4 लद्दाख की, 46 कश्मीर की और 37 जम्मू की सीटें थीं। लद्दाख की 4 सीटें हटाकर अब केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर में 83 सीटें बची हैं, जिनमें परिसीमन होना है।

नंबर छह- इसमें केंद्र सरकार की योजनाओं के साथ केंद्रीय मानवाधिकार आयोग का कानून, सूचना अधिकार कानून, एनमी प्रॉपर्टी एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से रोकने वाला कानून शामिल है।

नंबर सात- जमीन और सरकारी नौकरी पर सिर्फ राज्य के स्थाई निवासियों के अधिकार वाले 35-ए के हटने से केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर में जमीन से जुड़े कम से कम 7 कानूनों में बदलाव होगा।

नंबर आठ- राज्य पुनर्गठन कानून के तहत जम्मू-कश्मीर के करीब 153 ऐसे कानून खत्म हो जाएंगे, जिन्हें राज्य के स्तर पर बनाया गया था। हालांकि 166 कानून अब भी दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में लागू रहेंगे।

नंबर नौ- वहां पहले के मुकाबले विधानसभा का कार्यकाल 6 साल की जगह देश के बाकी हिस्सों की तरह 5 साल का ही होगा।

और नंबर दस– जम्मू-कश्मीर से 5 और लद्दाख से एक लोकसभा सांसद ही चुन कर आएगा। वहीं जम्मू-कश्मीर से पहले की तरह 4 राज्यसभा सांसद ही चुने जाएंगे।

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