18 June 2021

Greg Chappell Comment on Sourav Ganguly Rahul Dravid former indian coach Chappell says ganguly just wanted to be in the team as captain – ग्रेग चैपल ने उगला जहर, कहा- सौरव गांगुली नहीं चाहते थे सुधार, सिर्फ कप्तानी से था मतलब

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कोच ग्रेग चैपल अपने विवादित बयानों को लेकर जाने जाते हैं। उन्होंने टीम इंडिया के महानतम कप्तानों में से एक सौरव गांगुली को मतलबी बताया है। चैपल का मानना है कि गांगुली टीम में सुधार नहीं चाहते थे। वे किसी तरह टीम का कप्तान बने रहना चाहते थे। चैपल ने यह भी कहा कि गांगुली की ही बदौलत उन्हें कोच बनाया गया था और बाद में गांगुली की वापसी कारण ही उन्हें पद छोड़ना पड़ा।

क्रिकेट लाइफ स्टोरी पॉडकास्ट में चैपल ने कहा, ‘‘गांगुली ही थे जिन्होंने मुझसे भारत को कोचिंग देने के लिए संपर्क किया था। मेरे पास अन्य काम थे लेकिन मैंने फैसला किया कि चूंकि जॉन बुकानन ऑस्ट्रेलिया को कोचिंग दे रहे थे, मैं दुनिया में सबसे अधिक आबादी वाले और क्रिकेट प्रेमी देश को कोच करना पसंद करूंगा। वह मौका गांगुली के कारण मिला।’’ चैपल 2005 से 2007 तक टीम इंडिया के कोच थे। उनकी कोचिंग में भारतीय टीम 2007 वर्ल्ड कप के पहले राउंड में ही बाहर हो गई थी। टीम बांग्लादेश से भी हार गई थी।

चैपल ने आगे कहा, ‘‘भारत में दो साल हर मोर्चे पर चुनौतीपूर्ण थे। उम्मीदें हास्यास्पद थीं। कुछ मुद्दे सौरव के कप्तान होने को लेकर थे। वह विशेष रूप से कड़ी मेहनत नहीं करना चाहते था। वह अपनी क्रिकेट में सुधार नहीं करना चाहते थे। वह सिर्फ कप्तान के रूप में टीम में रहना चाहते थे, ताकि वह चीजों को नियंत्रित कर सके। मैं टीम के भीतर कुछ संस्कृतियों और सोचने के तरीकों को बदलना चाहता था। चीजें खराब होने से पहले भारतीय टीम ने राहुल द्रविड़ के नेतृत्व में लगभग एक साल तक शानदार प्रदर्शन किया था।’’

चैपल ने कहा, ‘‘द्रविड़ वास्तव में भारत में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम बनने में लगे थे। दुख की बात है कि टीम में सभी की भावना एक जैसी नहीं थी। वे इसके बजाय टीम में रहने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। कुछ सीनियर खिलाड़ियों ने विरोध किया, क्योंकि उनमें से कुछ अपने करियर के अंत में थे। जब सौरव को टीम से बाहर किया गया तो खिलाड़ियों को लगने लगा कि अगर वो टीम से बाहर हो सकते हैं तो कोई भी हो सकता है।’’

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने आगे कहा, ‘‘हमारे12 महीने बहुत अच्छे थे, लेकिन फिर प्रतिरोध बहुत अधिक हो गया। गांगुली टीम में वापस आ गए। खिलाड़ियों का संदेश स्पष्ट था-हम बदलाव नहीं चाहते। भले ही बोर्ड ने मुझे एक नया अनुबंध दिया था, लेकिन मैंने फैसला किया कि मुझे इस तरह के तनाव की आवश्यकता नहीं है।’’ गांगुली ने चैपल के जाने के एक साल बाद 2008 में क्रिकेट से संन्यास लिया था।



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