18 June 2021

Folk Singer Sharda Sinha Struggle Her mother in law did not wanted her to sing had given up food for many days – शारदा सिन्हा के गाने से नाराज़ सास ने कई दिनों तक छोड़ दिया था खाना पीना, गाना छुड़वाने के लिए अड़ गई थीं जिद पर

लोकगीतों के लिए मशहूर शारदा सिन्हा ने पूर्वोत्तर के संगीत को काफी ऊंचा मुकाम दिया है। उन्होंने शादी के पारंपरिक गीतों से अपनी शुरुआत की थी। उनके शब्दों में कहें तो उन्होंने ही शादी के पारंपरिक गीतों को आंगन से बाहर निकाला और देश भर में उसे पहचान दिलाई। लेकिन उनके लिए गाना आसान नहीं रहा। जब उनकी शादी हुई तो उनकी सास ने गाने पर पाबंदी लगा दी। जब उन्होंने गाने की जिद की तो सास ने कई दिनों तक खाना नहीं खाया था।

शारदा सिन्हा के पति और उनके ससुर ने तब उनका साथ दिया था। उन्होंने लल्लनटॉप को दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि गाने के लिए उन्होंने बहुत मुश्किल झेली थीं। शारदा सिन्हा ने कहा था, ‘मेरी शादी के बाद घर के लोगों ने बहुत विरोध किया। मेरी सास ने तो तीन-चार दिन तक खाना ही नहीं खाया, जब मैंने कहा कि गाना गाऊंगी। मेरे ससुर जी को कीर्तन से प्यार था।’

शारदा सिन्हा ने आगे बताया था, ‘मेरे ससुर की बड़ी इच्छा हुई कि बहू ठाकुरबाड़ी में भजन गाए और उन्होंने मुझसे कहा। लेकिन मेरी सासू मां बिल्कुल क्रोधित हुईं कि आप तो मन बढ़ा देते हैं, भजन गाने ठाकुरबाड़ी में जाएगी नई दुल्हन। और मुझे तो गाने का मौका चाहिए था। सास खाना खाएं या न खाएं, हम ससुर जी के पीछे हो लिए।’

शारदा सिन्हा ने भजन गाया, सभी को बहुत पसंद आया लेकिन उनकी सास का गुस्सा कम नहीं हुआ। उन्होंने बताया था, ‘इसके बाद भी सास का मन नहीं डोला, नाराज़गी कम नहीं हुई। मेरी सास को जब बाद में लोगों ने कहना शुरू किया कि आपकी बहू का गाना सुना, शादी का गाना बहुत अच्छा गाती है, तब जाकर उनका गुस्सा कम हुआ था।’

 

हालांकि शारदा सिन्हा के पति ने शुरू से ही उनका साथ दिया और उन्होंने गाना जारी रखा। उन्होंने पूर्वोत्तर के सबसे बड़े पर्व, छठ पर्व के गीतों से सबसे अधिक लोकप्रियता हासिल की। उन्होंने मैथिली और भोजपुरी में आदि भाषाओं में गीत गाए। शारदा सिन्हा गायन के अलावा नृत्य में भी पारंगत हैं। उन्होंने मणिपुरी नृत्य की शिक्षा ली है।

 

शारदा सिन्हा ने पहली बार बॉलीवुड में फिल्म मैंने प्यार किया के लिए अपनी आवाज दी थी। गैंग्स ऑफ वासेपुर में उनका गाना तार बिजली से पतले हमारे पिया काफ़ी लोकप्रिय हुआ। गायन ने लिए शारदा सिन्हा को कई पुरस्कार भी मिले हैं जिनमें 1991 में मिला पद्मश्री पुरस्कार प्रमुख है।




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