15 June 2021

BJP organises rememberance meeting for Maharashtra Late Leader Gopinath Munde as JP Nadda says he helped party grow in state keeping Devendra Fadnavis reservations aside- दूसरों की सुनने लगा BJP का शीर्ष नेतृत्व? योगदान याद दिला बोले जेपी नड्डा- गोपीनाथ मुंडे के कारण महाराष्ट्र में मजबूत हुए हम

महाराष्ट्र में भाजपा को खड़ा करने में जिन नेताओं का नाम आगे आता है, उनमें गोपीनाथ मुंडे शीर्ष में शामिल हैं। हालांकि, बीते कुछ सालों में पार्टी में उनके महत्व के कम होने का मुद्दा भी उठता रहा है। इसे लेकर महाराष्ट्र के कई नेता आवाज भी उठा चुके हैं। हालांकि, माना जाता है कि महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस अपने आलोचकों पर बाकी नेतृत्व को बोलने भी नहीं देते थे। इस बीच भाजपा ने मुंडे की सातवीं पुण्यतिथि के मौके पर पहली बार बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किया। इसे लेकर अब महाराष्ट्र भाजपा में गुपचुप चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

दरअसल, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने गुरुवार को खुद ही मुंडे की सातवीं पुण्यतिथि पर उनके सम्मान में एक विशेष डाक कवर का अनावरण किया। नड्डा ने इस अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि मुंडे ही वह नेता थे, जिन्होंने महाराष्ट्र में भाजपा को आम जनता तक ले जाने की मुहिम की आधारशिला रखी। मुंडे 2014 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री थे।

भाजपा अध्यक्ष ने आगे कहा, ‘‘गोपीनाथ मुंडे ने पार्टी को दलितों और राज्य के वंचित तबकों तक ले जाने की नींव रखी, इसीलिए महाराष्ट्र में भाजपा आज सबसे बड़ा राजनीतिक दल है। मैं जब कभी भी उन्हें संसद परिसर में देखता था, उनके आस-पास लोगों का जमावड़ा लगा होता था।’’इस अवसर पर पार्टी के कई अन्य नेता भी मौजूद थे।

उधर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मुंडे के साथ अपनी यादों को ताजा करते हुए कहा, ‘‘ आज देश के विभिन्न राज्यों की सरकार गरीबों को सस्ते दामों पर भोजन उपलब्ध कराने की कोशिश कर रही है। लेकिन मुंडे ने 1995 में ही सत्ता में आने पर महाराष्ट्र में इसकी शुरुआत की थी। ’’ दिवंगत नेता की बेटी पंकजा मुंडे ने लोगों से डाक कवर खरीदने की अपील भी की।

बता दें कि भाजपा का यह कदम ऐसे समय में आया है जब गोपीनाथ मुंडे की बेटी पंकजा मुंडे और पार्टी के अन्य नेताओं ने देवेंद्र फडणवीस के काम करने के तरीके को लेकर सवाल उठाए हैं। फडणवीस से चल रहे मतभेदों के बीच ही इस तरह के कार्यक्रम के आयोजन के बीच पार्टी गलियारों में चर्चा है कि अब भाजपा दूसरी आवाजें भी सुनने लगी है। गौरतलब है कि फडणवीस पर अपने आलोचकों के पर कतरने के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे में भाजपा के इस कार्यक्रम से उन्हें भी कड़े संकेत दिए गए हैं।



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