Home पॉलिटिक्स क्या राजस्थान में सचिन पायलट से छिनेगी कांग्रेस की कमान ? अब क्या करेंगे सचिन पायलट

क्या राजस्थान में सचिन पायलट से छिनेगी कांग्रेस की कमान ? अब क्या करेंगे सचिन पायलट

0 second read
Comments Off on क्या राजस्थान में सचिन पायलट से छिनेगी कांग्रेस की कमान ? अब क्या करेंगे सचिन पायलट
0
86

राजस्थान में बीएसपी के 6 विधायकों के कांग्रेस में आने को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और डिप्टी सीएम सचिन पायलट में मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। एक ओर जहां गहलोत बीएसपी से आए विधायकों को सरकार में मंत्री बनाकर इनाम देना चाहते हैं, तो वहीं पायलट इसके खिलाफ बताए जा रहे हैं। इस बीच जो खबर सामने आ रही है, उसके मुताबिक प्रदेश में सचिन पायलट का कद घटाया जा सकता है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि

क्या राजस्थान में सचिन पायलट से छिनेगी कांग्रेस की कमान ?

क्या सियासी लड़ाई में पायलट पर भारी पड़े अशोक गहलोत ?

दऱअसल राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच मतभेद किसी से छिपे नहीं हैं। कई बार तो खुलेआम इन दोनों ने एक दूसरे को छींटाकशी करते नजर आए। लेकिन बीएसपी के 6 विधायकों के कांग्रेस में आने के बाद दोनों के बीच मतभेद और बढ़ सकते हैं। इसके संकेत उस वक्त मिले, जब ये खबर सामने आई कि राजस्थान कांग्रेस के प्रमुख पायलट को बीएसपी विधायकों के पार्टी में शामिल होने के बारे में पता ही नहीं है। पूछे जाने पर पायलट ने कहा कि मेरे दिल की बात मत पूछना। पायलट का ये दर्द लाजमी है कि कोई कांग्रेस का सदस्य बन जाए और राज्य में पार्टी के मुखिया के पास एक बार आकर भी नहीं मिले।

जानकार बीएसपी विधायकों को कांग्रेस में शामिल कराने के सीएम गहलोत के फैसले को बड़ा राजनैतिक दांव मान रहे हैं। कांग्रेस में उनके इस कदम को कैबिनेट और प्रदेश कांग्रेस कमिटी में फेरबदल की कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में गहलोत कांग्रेस आलाकमान से बदलाव की गुजारिश कर सकते हैं। उधर कांग्रेस के भीतर इस बात को लेकर काफी सस्पेंस है कि क्या गहलोत एक नए पीसीसी अध्यक्ष और दूसरे डेप्युटी सीएम की मांग कर सकते हैं। फिलहाल गहलोत के मुख्य प्रतिद्वंद्वी और डेप्युटी सीएम सचिन पायलट के पास ही पीसीसी चीफ का पद है।

पायलट अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करने वाले हैं और निकाय चुनाव को देखते हुए कुछ कांग्रेस नेता फुलटाइम पीसीसी चीफ चाहते हैं। हालांकि पायलट को भरोसा है कि दोनों पद उनके पास बरकरार रहेंगे। मगर नए सियासी घटनाक्रम के चलते अटकलें लग रहीं हैं कि सचिन पायलट से प्रदेश अध्यक्ष का पद लेकर किसी नए चेहरे को दिया जा सकता है। ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि अपने दांव-पेंच से छह विधायकों को कांग्रेस में शामिल करने के बाद अशोक गहलोत सचिन पायलट पर भारी पड़ गए हैं।

Check Also

क्या महाराष्ट्र में बिना BJP के सरकार बनाना शिवसेना का आखिरी सुसाइड है ?

क्या महाराष्ट्र में बिना BJP के सरकार बनाना शिवसेना का आखिरी सुसाइड है ? तो क्या मुख्यमंत्…