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Arun jaitley passes Away:- पूर्व वित्तमंत्री के वो फैसले, जिसने अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रचा इतिहास

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मोदी सरकार में के पहले वित्त मंत्री के साथ रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने वाले भाजपा के सीनियर नेता अरुण जेटली का हाल ही में निधन हो गया। एक महान शख्सियत अब हमारे बीच नहीं रहे। उनके जाने के बाद सिर्फ बीजेपी और मोदी सरकार के लिए ही छति नहीं है, बल्कि पूरे देश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों के लिए भी बड़ा झटका है। आपको बता दें कि आर्थिक मामलों की बेहतर समझ, दूरदर्शिता और कड़े फैसले लेने की हिम्मत ने जेटली को भाजपा  सरकार का ट्रबलशूटर बना दिया था। और उनके इन्हीं गुणों के दम पर सिर्फ 5 सालों में एक  नया इतिहास रच दिया। चलिए जानतें हैं,  उनके कुछ अहम् फैसलों के बारे में…

अरुण जेटली के प्रमुख फैसले

आपको बता दें कि नोटबंदी (Banknote Demonetisation): अपने पहले कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 08 नवंबर 2016 को नोटबंदी का ऐतिहासिक फैसला लिया।

वस्तु एवं सेवा कर (GST) : सभी राज्यों की सहमति से जीएसटी (Goods & Service Tax) लागू करना मोदी सरकार के लिए बड़ी चुनौती थी। जो केवल अरुण जेटली के कुशल नेतृत्व से ही संभव हो सका। केंद्र सरकार ने जुलाई 2017 में जीएसटी लागू किया।

इनसॉल्वेंसी एवं बैंक्रप्टसी कोड (IBC) : जानकारों के मुताबिक आने वाले सालों में ये, जीएसटी से बड़ा सुधार साबित होगा। आपको बता दें कि आजाद भारत के इतिहास में Insolvency & Bankruptcy Code (आईबीसी) के तहत ऐसा पहली बार हुआ है कि दिवालिया होने से निपटने के लिए समय-सीमा लागू की गई है।

मौद्रिक नीति आयोग (MPC) : बहुमत के माध्यम से सरकार-आरबीआई की समिति (Monetary Policy Committee) द्वारा ब्याज दरों का निर्धारण करने के लिए एक स्प्ष्ट रूपरेखा तैयार की। साथ ही केंद्रीय बैंकों को एक्सप्रेस चार फीसद मुद्रास्फीति लक्ष्य हासिल करने का लक्ष्य दिया गया।

NPA क्लीनअप : बैंकों का डूबा कर्ज निकालने के लिए अरुण जेटली के नेतृत्व में Non-Performing Asset (गैर निष्पादित संपत्ति) क्लीनअप की योजना शुरू हुई। इस दौरान पता चला कि राज्यों द्वारा संचालित कुछ सरकारी बैंकों की हालत बेहद खराब है।

बैंकों का एकीकरण : पूर्व की बहुत सी सरकारों ने राज्य सरकारों द्वारा संचालित सरकारी बैंकों की कार्यप्रणाली में एकरूपता लाने के लिए बैंकों के एकीकरण (Bank Conslidation) की जरूरत बताई थी।

जनधन योजना (JAN-DHAN): जनधन योजना के तहत देशभर में अभियान चलाकर उन लोगों के बैंक खाते खुलवाए गए, जिनके पास कोई खाता नहीं था। इसका मकसद गरीबों के खातों में सीधे सब्सिडी भेजना था। इससे सब्सिडी की चोरी रोकने में सरकार को काफी मदद मिली।

 

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